पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) और इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के बीच फिर से साथ मिलकर काम करने की संभावना पर बातचीत शुरू हो गई है। इसी कड़ी में TMC सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने I-PAC के प्रमुख प्रतीक जैन के साथ एक बैठक की। यह बैठक शुक्रवार को राज्य सचिवालय नबान्ना में हुई। इस बैठक के बाद यह अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या TMC 2026 के विधानसभा चुनाव में फिर से I-PAC की मदद लेगी? I-PAC ने 2021 के विधानसभा चुनाव में TMC की जीत में अहम भूमिका निभाई थी।
I-PAC और TMC का रिश्ता: पुरानी कहानी, नए सवाल
I-PAC और TMC का रिश्ता काफी पुराना है। 2019 के लोकसभा चुनाव में TMC को कम सीटें मिली थीं, जिसके बाद पार्टी ने I-PAC की मदद ली थी। उस समय प्रशांत किशोर की अगुवाई में I-PAC ने TMC के लिए चुनावी रणनीति तैयार की थी। हालांकि, बाद के दिनों में I-PAC के काम को लेकर TMC के भीतर असंतोष पैदा हो गया था। ममता बनर्जी ने भी I-PAC के काम पर कई बार असंतोष जताया था। इसके बावजूद, 2021 के विधानसभा चुनाव में I-PAC ने TMC की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब 2026 के चुनाव को लेकर फिर से I-PAC की मदद लेने की बात चल रही है।
प्रतीक जैन और ममता बनर्जी की बैठक
ममता बनर्जी और I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के बीच हुई बैठक को लेकर काफी चर्चा हो रही है। सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक करीब एक घंटे तक चली। इस दौरान 2026 के विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति पर चर्चा हुई। हालांकि, अभी तक आधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया गया है कि क्या TMC ने I-PAC को 2026 के चुनाव में साथ देने के लिए आमंत्रित किया है। लेकिन इस बैठक के बाद यह साफ है कि TMC और I-PAC के बीच फिर से साथ मिलकर काम करने की संभावना बन रही है।
TMC के भीतर I-PAC को लेकर असंतोष
I-PAC के काम को लेकर TMC के भीतर काफी असंतोष रहा है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने I-PAC के काम पर सवाल उठाए हैं। TMC नेता मदन मित्रा ने तो I-PAC पर सीधे हमला बोलते हुए कहा था कि यह संस्था ममता बनर्जी की स्वच्छ छवि को धूमिल कर रही है। मदन मित्रा ने यह भी आरोप लगाया था कि I-PAC पैसे के बदले पद बेच रही है। उन्होंने कहा था कि TMC के कई पुराने नेताओं ने भी पद पाने के लिए पैसे दिए हैं, जिससे पार्टी काफी असहज हो गई है।
2026 के चुनाव को लेकर क्यों महत्वपूर्ण है I-PAC की भूमिका?
2026 के विधानसभा चुनाव को लेकर TMC के लिए I-PAC की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो सकती है। 2021 के विधानसभा चुनाव में I-PAC ने TMC की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। I-PAC ने चुनावी रणनीति तैयार करने से लेकर जनसंपर्क तक कई महत्वपूर्ण काम किए थे। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी TMC ने शानदार प्रदर्शन किया है। पार्टी ने 29 सीटें जीती हैं, जबकि BJP की सीटें घटकर 12 रह गई हैं। इस सफलता के बाद TMC 2026 के विधानसभा चुनाव को लेकर और भी आश्वस्त है।
प्रशांत किशोर का बिहार में नया सियासी सफर
I-PAC के संस्थापक प्रशांत किशोर अब बिहार में अपनी राजनीतिक पार्टी बना चुके हैं और वहां सक्रिय राजनीति कर रहे हैं। हालांकि, I-PAC अभी भी कई राजनीतिक पार्टियों के साथ काम कर रही है। प्रतीक जैन I-PAC की कमान संभाल रहे हैं और उन्होंने ही ममता बनर्जी के साथ बैठक की है।
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