Maulana Yasoob Abbas: इन दिनों भारत के मुस्लिम समुदाय के कई धार्मिक नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर सकारात्मक नजर आ रहे हैं। ये नेता न केवल सरकार के फैसलों का स्वागत कर रहे हैं, बल्कि पीएम मोदी की नीतियों की सराहना भी कर रहे हैं। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी के बाद, अब शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास भी पीएम मोदी के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की न केवल तारीफ की, बल्कि कुछ मुस्लिम नेताओं पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
सौगात-ए-मोदी पर यह बोले मौलाना अब्बास
मौलाना यासूब अब्बास ने प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि ईद के मौके पर मोदी सरकार ने 32 लाख से ज्यादा गरीब मुसलमानों को “सौगात-ए-मोदी” योजना के तहत सहायता देने का ऐलान किया है। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि यह कदम मुसलमानों के लिए एक नई दिशा का संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि तोहफा तोहफा होता है, उसे मूल्य से नहीं आंका जाना चाहिए, और मोदी सरकार द्वारा दिया गया यह तोहफा सचमुच ऐतिहासिक है। मौलाना ने यह भी बताया कि अभी तक किसी भी दल या नेता ने इस तरह की पहल नहीं की थी।
राजनीतिक आरोपों पर किया वार
मौलाना अब्बास (Maulana Yasoob Abbas) ने कुछ मुस्लिम नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कुछ लोग सरकार पर नफरत फैलाने का आरोप लगाकर अपनी राजनीतिक रोटी सेंक रहे हैं। उनका मानना है कि ऐसे आरोप बिल्कुल गलत हैं और सरकार की नीतियां मुस्लिम समुदाय के भले के लिए ही बनाई गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के इस तरह के कदमों को अन्य नेताओं और विधायकों को भी अपनाना चाहिए, ताकि समाज में एकता और भाईचारे को बढ़ावा मिले। उन्होंने अपील की कि यदि किसी दूसरे धर्म के त्योहारों के दौरान किसी की भावनाएं आहत होती हैं, तो सभी को अपनी तरफ से संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
नवरात्र पर मांस बिक्री पर मौलाना का समर्थन
नवरात्र के दौरान मांस की बिक्री पर रोक लगाने को लेकर मौलाना यासूब अब्बास (Maulana Yasoob Abbas) ने समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि यदि किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं, तो इस पर रोक लगनी चाहिए। उनका यह भी कहना था कि कुछ स्थानों पर नवरात्र के दौरान मंदिरों में बलि की परंपरा होती है, और यदि इससे किसी की भावना आहत होती है, तो उसे भी बंद किया जाना चाहिए। उनका उद्देश्य था कि हर समुदाय को एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
मौलाना साजिद रशीदी का मोदी समर्थन
मौलाना साजिद रशीदी ने भी प्रधानमंत्री मोदी की योजनाओं का स्वागत करते हुए कहा था कि बीजेपी सरकार की “सौगात-ए-मोदी” योजना से मुसलमानों में पार्टी के प्रति नफरत को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने इसे मुसलमानों के लिए एक नए विकल्प के रूप में देखा और कहा कि जो लोग बीजेपी को वर्षों से दुश्मन मानते आए हैं, इस योजना से उनके मन में एक नई सोच उत्पन्न होगी।
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